ओ भोलेनाथ केदारनाथ
O Bholenath Kedarnath भोले छोड़ दुनिया दर तेरे आया हु मै,तुझसे जो दूर था बेचैन था घर लौट आया हु मै,ये आसमा है नीला नीला धुप नरम लगे चुभती नही है,की बहता पानी मीठा मीठा प्यास दिल की भुज सी गयी है,की दिल मई उड़ रही है तितलियाँ हुआ है आज बाग़,मधुर बजे है कोई … Read more