जगत के सर पर जिनका हाथ वही है अपने भोले नाथ लिरिक्स
Jagat Ke Sar Par Jinka Hath Wahi Hai Apne Bhole Nath Lyrics जगत के सर पर जिनका हाथ,वही है अपने भोले नाथ,जिन चरणों में सदा झुकाती,जिन चरणों में सदा झुकाती,सारी दुनिया माथ,वही है अपने भोले नाथ,वही है अपने भोले नाथ।। श्रष्टि के पालक तुम ही,कुशल संचालक तुम ही,तुम्ही हो जग विस्तारक,तुम्ही इसके संघारक,जिनको पाकर कभी … Read more