अपना बना लो मेरी माँ | Apna Bana Lo Meri Maa

अपना बना लो मेरी माँ भजन एक भक्त की सच्ची पुकार है, जिसमें वह माँ दुर्गा से अपने स्नेहिल आँचल में शरण देने की विनती करता है। जब जीवन के कठिन मोड़ हमें असहाय कर देते हैं, तब माँ की ममता और कृपा ही हमें संभालती है। यह भजन माँ के प्रति हमारी अटूट श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है, जहाँ भक्त अपने आपको माँ के चरणों में समर्पित कर देना चाहता है।

Apna Bana Lo Meri Maa

मैं बालक आया तेरे दरबार में,
खोने लगा तेरी जयकार में,
अपना बना लो मेरी माँ,
शेरावालिए,
अपना बनालो मेरी माँ,
मैं बालक आया तेरे दरबार में,
तुझ सा ना कोई संसार में,
अपना बनालो मेरी माँ,
शेरावालिए,
अपना बनालो मेरी माँ।1।

जब जब गिरा हूं माँ,
तूने ही उठाया है,
भटका हूं जब जब तूने,
रास्ता दिखाया है,
चरणों में तेरे चारों धाम है,
जग में सबसे ऊंचा तेरा नाम है,
अपना बनालो मेरी माँ,
शेरावालिए,
अपना बनालो मेरी माँ।2।

दुनिया की सारी खुशियां,
तुझसे ही पाई है,
तेरे बिना यह मेरी,
जिंदगी पराई है,
तू ही मेरी भक्ति और पूजा है,
तेरे जैसा नहीं कोई दूजा है,
अपना बनालो मेरी माँ,
शेरावालिए,
अपना बनालो मेरी माँ।3।

मैं बालक आया तेरे दरबार में,
खोने लगा तेरी जयकार में,
अपना बना लो मेरी माँ,
शेरावालिए,
अपना बनालो मेरी माँ,
मैं बालक आया तेरे दरबार में,
तुझ सा ना कोई संसार में,
अपना बनालो मेरी माँ,
शेरावालिए,
अपना बनालो मेरी माँ।4।

“अपना बना लो मेरी माँ” भजन माँ दुर्गा की असीम करुणा और भक्तों के प्रति उनके प्रेम को उजागर करता है। माँ अपने हर भक्त को अपनाती हैं और उसे संबल प्रदान करती हैं। अगर आप भी माँ की महिमा में डूब जाना चाहते हैं, तो “[तेरा दरबार बड़ा प्यारा है माता भजन]” जरूर करे, जिसमें माँ के दरबार की दिव्यता और भक्तों की अपार श्रद्धा का सुंदर वर्णन किया गया है। जय माता दी! ????????

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