Bhagato Pe Jab Jab Vipada Aayi
भगतो पे जब जब विपदा आई
कौन बना रखवाला मेरा डमरू वाला
कदम कदम पर दुःख संकट पे बिगड़ी बनाने वाला
मेरा डमरू वाला
माथे पे चंदा सोहे और जटा में गंगा साजे
नंदी की सवारी प्यारी गिरजा संग आप विराजे
अद्भुत रूप बना कर बेठा लगता भोला भाला
मेरा डमरू वाला
सारा सुख छोड़ के उसने श्मशानो में डेरा डाला,
रेहते ये ध्यान लगाये जपते है राम की माला
सुन के करुण पुकार हमारी दोड के आने वाला
मेरा डमरू वाला
सागर मंथन के कारण विष निकला था अति भारी,
तब विनती की देवो ने प्रभु रक्षा करो हमारी
विष पी कर जो अमिरत बांटे एसा देव निराला
मेरा डमरू वाला

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile