भगतो पे जब जब विपदा आई

Bhagato Pe Jab Jab Vipada Aayi

भगतो पे जब जब विपदा आई
कौन बना रखवाला मेरा डमरू वाला
कदम कदम पर दुःख संकट पे बिगड़ी बनाने वाला
मेरा डमरू वाला

माथे पे चंदा सोहे और जटा में गंगा साजे
नंदी की सवारी प्यारी गिरजा संग आप विराजे
अद्भुत रूप बना कर बेठा लगता भोला भाला
मेरा डमरू वाला

सारा सुख छोड़ के उसने श्मशानो में डेरा डाला,
रेहते ये ध्यान लगाये जपते है राम की माला
सुन के करुण पुकार हमारी दोड के आने वाला
मेरा डमरू वाला

सागर मंथन के कारण विष निकला था अति भारी,
तब विनती की देवो ने प्रभु रक्षा करो हमारी
विष पी कर जो अमिरत बांटे एसा देव निराला
मेरा डमरू वाला

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