Bhola Bhandari To Dhak Dhak Sute Chilam Pe Chilam
भोला को भाये न खोया मलाई करते रेहते तंग
भोला भंडारी तो धक धक सूटे चिलम पे चिलम,
पीसत पीत्स हारी गोरा पीते जाए भंगिया,
तन पे बस्म रमा कर बैठे माने ना ही बतियाँ
चिलम चिलम पे चदाये भोला करते रेहते तंग
भोला भंडारी तो धक धक सूटे चिलम पे चिलम,
भोले नाथ न कॉफ़ी पीते ना पीते वो चाय
ना माने ना माने मोसे भोले चिलम चड़ाये
नंदी भी झूमे भोले भी झूमे झूमे गले में बुजंग
भोला भंडारी तो धक धक सूटे चिलम पे चिलम,

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile