Baja De Damaru Fir Baja De
बजा दे डमरू फिर बजा दे
ओ भोले दमक उठा दे पी के थोड़ी भंग तू आजा मेरे संग तू ठुमका लगा जरा,
बजा दे डमरू फिर बजा दे
डमरू की डम डम कहती है बम बम,
सुरीली है धुन
सतो स्वर है इस में समाये झूमो सुन सुन
माँ शारदे जादू सा जगा गई
सब सर गर्मी इसी में समा गई ,
सारा संगीत है प्रेम और प्रीत है भगती का रस भरा
बजा दे डमरू फिर बजा दे
भरमा जी आये विष्णु जी आये थिरकने लगे थिरक ने लगे,
गनपत के संग में नंदी दीवानी ठुमक ने लगे
ये पर्वत सारा झुमने लगा
खुश होके चरण चूमने लगा
नाचे ये नजारे झूमे चाँद तारे खुश है गगन धारा,
बजा दे डमरू फिर बजा दे
देवो के देवा शंकर महादेवा निराले बड़े,
भगतो के संकट हरने को हर पल रेहते खड़े,
बिसरियां क्या है जग से वासता,
जो पकड़ा मैंने भगती रास्ता,
भोले जिस के साथ हो दिन हो जो रात हो उन से न वो डरा
बजा दे डमरू फिर बजा दे

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile