Baba Tujhe Koi Kahe Damarudhari
बाबा तुझे कोई कहे डमरुधारी,
कोई त्रिपुरारी ऐ बाबा,
कोई तुमसा न कोई दानी,
नहीं दूजा कोई तुमसे सानी बाबा…….
ये जग कैलाश पे कर के बसेरा,
रामयी दियो धुनि ऐ बाबा………….
जब तूने पिया विष का प्याला,
तेरा रूप हुआ था निराला हे औघड़………
देव सब बन गए तेरे ही पुजारी,
डमरू धरी ऐ बाबा………….
तेरे दर पे जो भी है आता,
मन वांछित फल है वो पता हे शम्भू,
तुम्ही जग में हो त्रिनेत्र धारी,
शंकर ऐ दानी हे बाबा…………

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile