Dayalu Vishav Nath Din Heen Par Daya Karo
अहो उमापति अधीर भक्त की व्यथा हरो,
दयालु विशव नाथ दीन हीन पर दया करो
अहो उमापति अधीर भक्त की व्यथा हरो,
तुम्ही अशक्त के लिए समर्थ हो उधार हो
तुम्ही अनाधि काल से अंनत हो आपर हो
तुम्ही अथा हसा श्रृष्टि सिन्धु मध्य कर्ण भार हो
तुम्ही करो सहाय तो शरीर नाव पार हो
प्रभु अदीन मलिन के पाप चित न धरो
दयालु विशव नाथ दीन हीन पर दया करो
अनेक पाप की सदा अशुद्ध कर्म को किये
परन्तु एक बार शम्भु नाम प्रेम से लिए
गए समाप्त शम्भु धान ध्यान श्मभु में दिए
अनाथ के नीच कर्म नाथ के लेक में दिए
अते वे स्वामी बिंदु बुधी राम भगती से भरो
दयालु विशव नाथ दीन हीन पर दया करो

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile