Bahu Bhole Ki
तने छोडू नही भोले नाथ मेरी सब सखिया मने चिडावे से
भोटे की बहु बतावे से
तने राख रमा ली काया में दिए बाँध घुंगरू पाया में
तेरी आँख नशे में लाल घनी मने भोले नाथ बतावे से
भोटे की बहु बतावे से …….
मसेड मर्द मेरे घर पड़ गया भंग घोट घोट मेरा रंग चड गया
तू करके चलक क्यों करता रोला जब देखो भंग घुटावे से
भोटे की बहु बतावे से
गोरा बोलती न बात क्यों जिद पे अड़ी क्यों पीहर न जईये क्यों रुसी पड़ी
तू ले सखियों की और मेरी मैं सो सो फुट बतावे से
मने छोड़ बता कीथ जावे से

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile