Japale Bhole Ka Tu Naam
जपले भोले का तू नाम, बिगड़े बनते है सब काम,
लीला जग में है न्यारी, लीला जग में है न्यारी -2
रे मेरे भोले भंडारी,
जपले भोले का तु नाम, बिगड़े बनते है सब काम,
लीला जग में है न्यारी।।
आदि योगी तेरा नाम, कैलाशो पर तेरा धाम,
जैसे केदार और काशी, जैसे केदार और काशी,
रे मेरे भोले भंडारी,
जपले भोले का तु नाम, बिगड़े बनते है सब काम,
लीला जग में है न्यारी।।
तू तो कालो का है काल, दुनिया कहती है महाकाल,
तूने दुनिया है तारी, तूने दुनिया है तारी,
रे मेरे भोले भंडारी,
जपले भोले का तु नाम, बिगड़े बनते है सब काम,
लीला जग में है न्यारी।।
तेरे शीशे पर चंदा रे, जहां से बहती है गंगा रे,
इनकी शोभा है प्यारी, जिनकी शोभा है प्यारी,
वो मेरे भोले भंडारी,
जपले भोले का तु नाम, बिगड़े बनते है सब काम,
लीला जग में है न्यारी।।
तुझसे मांगू क्या मैं आज, बिगड़े संभाले तू सब काज,
जिससे बिगड़ी बन जाती, जिससे बिगड़ी बन जाती,
‘भगत’ की बिगड़ी बन जाती,
जपले भोले का तु नाम, बिगड़े बनते है सब काम,
लीला जग में है न्यारी।।
जपले भोले का तू नाम, बिगड़े बनते है सब काम,
लीला जग में है न्यारी, लीला जग में है न्यारी….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile