Dev Nirale Mere Bhole Re
देव निराले मेरे भोले रे,
शिव भोले शिव भोले रे…-2
बाघम्बर तन ओढ़ के,
पिवंग प्याला शिव डोले रे,
देव निरालें मेरे भोले रे,
शिव भोले शिव भोले रे।।
सर पे चंदा और गंगा की धार,
शंकर जी की माया ना कोई पार,
चले धाम रे, शिव नाम ले,
चले धाम रे, बस नाम ले,
मिल जाए सब सुख यहाँ,
वो पट किस्मत के खोले रे,
देव निरालें मेरे भोले रे,
शिव भोले शिव भोले रे।।
जो भी मांगने आए तेरे द्वार,
हर जन का तू करता है उद्धार,
जो दर गया, वो तर गया,
जो दुखिया पुकारता,
दुःख में सुख के रंग घोले रे,
देव निरालें मेरे भोले रे,
शिव भोले शिव भोले रे।।
सांझ सवेरे जप ले तेरा नाम,
एक पल में सब बनते बिगड़े काम,
कैलाशी तू, महादानी तू,
कैलाशी तू, शिव दानी तू,
जब जुल्म बढे तब तीसरा,
शिव शम्भू नेत्र खोले रे,
देव निरालें मेरे भोले रे,
शिव भोले शिव भोले रे।।
बाघम्बर तन ओढ़ के,
पिवंग प्याला शिव डोले रे,
देव निरालें मेरे भोले रे,
शिव भोले शिव भोले रे।।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile