Bhang Ki Aadat Chhod De Bhola
बोली गौरी सुनो भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो
मुझे या भांग दोनों में,
कोई भी एक तुम चुन लो
चली मैं जाउंगी वरना तुम्हे छोड़ कर….
बोली गौरी सुनो भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो…..
जबसे लाये हो तुम ब्याह करके मुझे,
मुझसे प्यारी लगे भोला भंगिया तुझे
ना दया है ना दिल में तेरे प्यार है,
मेरे अरमानो के सारे दीपक बुझे
तेरे दिल में हमारी नहीं है कदर…
बोली गौरी सुनो भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो….
भांग पीने की आदत तू ये छोड़ दे,
वरना तू मुझसे रिश्ता अभी तोड़ दे
बन गई मेरी सौतन ये भंगिया तेरी,
भांग की मटकी भोला अभी फोड़ दे
घोला भंगिया ने जीवन मेरे ज़हर…
बोली गौरी सुनो भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो….
फैसला अब ये भोला तेरे हाथ है,
भांग या रहना तुमको मेरे साथ है
दोनों बच्चे सँभालु या भंगिया घिसूँ,
ध्यान बच्चों का भी न तुम्हे नाथ है
कुंदन बिलकुल नहीं है हमारी फिकर…
बोली गौरी सुनो भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो।
मुझे या भांग दोनों में,
कोई भी एक तुम चुन लो
चली मैं जाउंगी वरना तुम्हे छोड़ कर….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile