Charan Gaura Shankar Ke
भवन मंदिर शिवालय, तीनों ही बनवा दूँगी
जो मेरे शम्भू मेरे घर आए, चरण पकड़ बिठा लूंगी,
औ औ औ चरण गौरा शंकर के….
चंदा कुण्डल और माला, तीनों ही मंगवा दूंगी,
जो मेरे शम्भू मेरे घर आए डमरू खूब बजा दूंगी,
औ औ औ चरण गौरा शंकर के..….
भभूत बघांबर मृग छाला, तीनों ही मंगवा दूंगी,
जो मेरे भोले मेरे घर आए, मैं धूनी खूब रमा लूंगी,
औ औ औ चरण गौरा शंकर के…….
गोरा गणपति और नन्दी, तीनों ही बुला लूंगी,
जो मेरे शंकर मेरे घर आए बैल सवारी करा दूंगी,
औ औ औ चरण गौरा शंकर के….…
भांग आक और धतूरा, तीनों ही मंगवा दूंगी,
जो मेरे नाथ मेरे घर आए मैं बैठ भोग लगा दूंगी,
औ औ औ चरण गौरा शंकर के….…

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile