Shiv Damaru Bole Dam Dam
शिव डमरू बोले डम डम,
शिव डमरू बोले डम डम
भेद खोले बम बम बम,
जब भी बनता ये संसार,
अंत में जाता सिधार….
सब कुछ जानता बंदा, जान बूझ कर बनता अंधा,
काम कोई ना सीधा किया, जो कुछ किया उलटा धंधा,
पाप बढे पुण्य घटे, बोलो बम बम बम,
शिव डमरू……
लाला जी की सुनो जुबानी, बहुत मिलाया दूध में पानी,
माल ब्लैक कर बहुत कमाया, समझा मै हूँ पैसे वाला,
हुआ एक्सीडेंट फटा पेट, बोलो बम बम बम,
शिव डमरू……
सुन लो मेरे बहन और भाई, पूंजी तुमने यूँ ही गंवाई,
बाहर के फैशन में आकर तुमने कर ली अपनी लुटाई,
अब फूट गया पाप घड़ा, बोलो बम बम बम,
शिव डमरू………….
कर्मों का फल धरती पर है, इंसां तू क्यो इसको भूला,
कहीं पे मासा कहीं पे तोला, कहीं पर है खाली झोला,
उस मालिक का कहना मान, बोलो बम बम बम,
शिव डमरु………

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile