Kya Bhog Lagaya Jaye
क्या खिलाया जाए हाँ क्या पिलाया जाए
बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए
बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए
कैसे रिझाये भला कैसे मनाया जाए
बोल बाबा बोल तुझे क्या भोग लगाया जाए।।
आप खुश हो जाए मैं वही मंगवा दू,
आक धतूरे की बूटी बोलो पिसवा दू,
बोलो भोले जी बोलो जरा अंखिया तो खोलो,
बोलो भोले जी बोलो भांग घुटवा दूँ,
किशमिस डाली जाए, बादाम मिलायी जाए,
बोल बाबा बोल तुझे क्या भोग लगाया जाए,
बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए।।
बर्फी राबड़ी कलाकंद भी आ जाये,
हलवा पूरी कहो तो भोले बन जाए,
खीर चूरमे के साथ और क्या लाऊ,
दही मंगवाया जाये रायता मंगवाया जाए,
बोल बाबा बोल तुझे क्या भोग लगाया जाए,
बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए।।
बाबा आम अमरुद खालो खरबूजा,
सेब संतरा आनर ये लेलो तरबूजा,
काले अंगूर प्यारे संग में आलू बुखारे,
पियो रूहे अफ्जा,
दूध चढ़ाया जाए जो तेरे मन को भाये,
बोल बाबा बोल तुझे क्या भोग लगाया जाए,
बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए।।
गंगा के जल की काँवर भी मैं लाऊ,
बड़े प्रेम से भोले जी तुझे नेहलाओ,
बोलू बम बम का नारा जो तुझे लगे प्यारा,
भसम लगायी जाए शंख बजाये जाए,
बोल बाबा बोल तुझे क्या भोग लगाया जाए,
बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए
बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए…….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile