Bho Shambho Shiv Shambho
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो।।
गंगाधर शंकर करुणाकरा,
मामव भव सागर तारका,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो।
हर हर महादेव शम्भो,
हर हर महादेव शम्भो,
हर हर महादेव शिव शम्भो,
हर हर महादेव शिव शम्भो।
निर्गुण परब्रह्मा स्वरूप,
गमगमा भूत प्रपंच रहिता,
निज गुहा निहित नितान्ता अनंता,
अनंदा अतिशय अक्षय लिंगा,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो।
मतंग मुनिवरा वन्दित ईशा,
सर्वा दिगम्भर वेष्टिता वेषा,
नित्य निरन्तर नित्य नतेश,
ईशा सबेश सर्वेश,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो,
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो……….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile