Na Jhatako Julf Se Ganga
ना झटको जुल्फ से गंगा,
हमारी गौरा भीग जाएगी,
भोले के माथे का चंदा,
गौरा की बिंदिया में चमका,
चमक यह कैसे दमकेगी,
नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा तुम भी देखोगे।
गले में सर्पों की माला,
गौरा के घरवा से उलझी,
यह उलझन कैसे सुलझेगी,
नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा तुम भी देखोगे।
भोले के हाथ के डमरु,
गौरा के कंगना से उलझा,
यह उलझन कैसे सुलझेगी,
नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा तुम भी देखोगे।
भोले के पैर के घुंघरू,
गौरा की पायल से उलझे,
यह उलझन कैसे सुलझेगी,
नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा तुम भी देखोगे।
भोले के संग में गौरा,
गौरा की गोद में गणपत,
तीनों का मेल है कैसा,
नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा तुम भी देखोगे।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile