Bhakt Ek Shiv Ka Chala
भक्त एक शिव का चला शिव को रिझाने के लिए,
शिव को रिझाने के लिए, शिव को मनाने के लिए,
भक्त एक शिव का चला शिव को रिझाने के लिए॥
हाथ में फ़ल फूल लोटा, जल चढ़ाने के लिए,
भक्त जब मंदिर में पहुँचा जल चढ़ाने के लिए,
हाथ जब ऊपर उठाया घंटा बजाने के लिए,
भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥
देख कर सोने का घंटा पाप दिल में आ गया,
हो गया तैयार फौरन घंटा चुराने के लिए,
भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥
बांध कर धोती कमर में हाथ दिल पर रख लिया,
चढ़ गया शिव जी के ऊपर घंटा चुराने के लिए,
भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥
देख कर शिव जी ये समझे भक्त है सच्चा मेरा,
हो गए तैयार फौरन वरदान देने के लिए,
भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥
देख कर ये भक्त समझा कोई यहां पर आ गया,
हो गया तैयार फौरन भाग जाने के लिए,
भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥
आगे आगे भक्त भागे, पीछे भोला भाग रहे,
भोला पुकारे रुक जा मुसाफिर वरदान पाने के लिए,
भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥
फूल फ़ल तो दुनिया चढ़ाए, तू तो सारा चढ़ गया,
शेष अब क्या रह गया मुझ पे चढ़ाने के लिए,
भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile