Bhole Baba Ki Nagariya Chalo Dheere Dheere
भोले बाबा की नगरिया चलो धीरे धीरे,
धीरे धीरे हो रामा धीरे धीरे,
लेके कांधे पे कावड़िया चलो धीरे धीरे,
भोले बाबा की नगरिया चलो धीरे धीरे….
एक बरस के बाद मैं आया रंग रंगीला सावन,
कावड़िया तुम भरने चालो गंगा का जल पावन,
कहीं छलके ना गगरिया चलो धीरे धीरे,
भोले बाबा की नगरिया चलो धीरे धीरे….
बादल गरजे बिजली चमके रिमझिम पड़े फुहार,
रस्ता गीला फिसल ना जाना रखियो कदम संभाल,
भोले बाबा की नगरिया चलो धीरे धीरे….
लचक लचक लचके कावड़,
और छम छम घुंघरू बाजे,
सरर सरर चली है पुरवइया घन घन मेघा बरसे,
उड़ उड़ जाए रे चुनरिया चलो धीरे धीरे,
भोले बाबा की नगरिया चलो धीरे धीरे….
तन कमजोर कावड़ है भारी अंधियारी है रात,
बहुत भीड़ है बिछड़ ना जाना कस के पकड़ लो हाथ,
संग में ले लो रे सांवरिया चलो धीरे धीरे,
भोले बाबा की नगरिया चलो धीरे धीरे….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile