Jab Mauj Me Bhola Aaye
जब मोज में भोला आये डमरू हो मगन बजाये,
खोले जटाए छाए घटाए भदरा बरसे जम जम,
भोले रे भोले भोले बम बम….
जेले के टोले ले संग भोले नाचे रे मगन मसाने में,
भंग की तरंग में अपने ही रंग में मेला लगा ले वीराने में,
धरती आकाश हिलाए नंदी जब नाग सुनाये,
अरे कैलाश घुमे रे संसार झूमे रे बाजे नगाड़े बम बम,
भोले रे भोले भोले बम बम….
ना कोई रोके रे ना कोई टोके रे बम लेहरी बम बम लेहरी,
क्या किसको देना है क्या किस से लेना है शिव जाने बाते गेहरी,
शिव लीला समझ ना आए नित नए ये खेल रचाए,
शिव ही सजाये शिव ही सुनाये सांसो की ये सरगम,
भोले रे भोले भोले बम बम…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile