Gaura Bhang Ghot Ke Pyade
गौरा भांग घोट के प्यादे,
प्यासे भोले भंडारी,
भोले भांग तो सर पे चढ़ जा,
बन जावे बुरी बिमारी……..
भूल गईं अपना कथन,
याद नहीं क्या वादा है,
भूली नहीं याद मुझे,
तेरी सेवा करने का वादा है,
जरा मेरी बात समझ लें,
नशा ठीक नहीं है भारी,
गौरा भाग घोट के प्यादे,
प्यासे भोले भंडारी………
देवो में तुम सब से अलग,
क्यों रोग बुरा ये पाला है,
हम है योगी सच्चे जोगी,
जो पिते भाग का प्याला है,
जल्दी से तैयारी कर लें,
तू बात मान लें हमारी,
गौरा भाग घोट के प्यादे,
प्यासे भोले भंडारी………..
लक्ष्मी को देख नारायण के जो,
रोज ही पांव दबावे है,
सेवा तेरी क्या करती नहीं,
क्यों मेरा मुंह खुलवावे है,
ले आखिर बार ये घोटी,
अब खोज ले कोई पुजारी,
गौरा भाग घोट के प्यादे,
प्यासे भोले भंडारी…………
पृथ्वी पे तो तेरा एक भक्त,
‘सुरेन्द्र सिंह’ तो बड़ा आला है,
गोरा मेरी जो भक्ति करें,
वो गांव निठौरा वाला है,
हमें घोट वो भाग पिलावे,
बड़ा सच्चा है परचारी,
गौरा भाग घोट के प्यादे,
प्यासे भोले भंडारी………
गौरा भांग घोट के प्यादे,
प्यासे भोले भंडारी,
भोले भांग तो सर पे चढ़ जा,
बन जावे बुरी बिमारी……….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile