Bholenath Ka Main Banjara
भोले नाथ का मैं बंजारा,
छोड़ दिया मैंने जग सारा,
पता बता दो नीलकंठ का,
पता बता दो नीलकंठ का,
मैं जाऊ शिव धाम,
के मुझे कही नहीं जाना,
शिव का मैं हु सवाली…..
भटक रहा हूँ जंगल जंगल,
छोड़ दिया है मैंने अनजल,
जब तक भोले नहीं मिलेगे,
करू नहीं आराम,
के मुझे कही नहीं जाना,
शिव का मैं हूँ सवाली….
शिव सेवक हूँ मैं मतवाला,
बाबा मेरा देव निराला,
ढुंडत ढुंडत शिवशंकर को,
ढुंडत ढुंडत शिवशंकर को,
सुबह से हो गई शाम,
के मुझे कही नहीं जाना,
शिव का मैं हूँ सवाली…..
यो भी मिला है मुझे हाथ से,
काम करूँगा दोनों हाथ से,
पैरो की उपकार में उसका,
पैरो की उपकार में उसका,
मानूँगा आठो याम,
के मुझे कही नहीं जाना,
शिव का मैं हूँ सवाली….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile