O Bhole Dhamka Utha De
भजा दे डमरू फिर भजा दे,
ओ भोले धमका उठा दे,
पिके थोड़ी भंग तू आजा मेरे संग तू ठुमका लगा जरा,
भजा दे डमरू फिर भजा दे……..
डमरू की डम डम कहती है बम बम सुरीली है धुन,
सातो स्वर है इस में समाये झूमो संग संग,
मसाल दी जादू सा जला गई,
सब सरगमे इसी में समा गी
सारा संगीत है प्रेम और प्रीत है भगती का रस भरा,
भजा दे डमरू फिर भजा दे……
बर्मा जी आये विष्णु जी आये थिरकने लगे,
गनपत के संग में नंदी दीवाने ठुमकने लगे
ये पर्वत सारा झुमने लगा
खुश हो के चरण चूमने लगा,
नाचे ये नजारे झूमे चाँद तारे खुश है गगन धरा,
भजा दे डमरू फिर भजा दे……
देवो के देवा शंकर महादेवा निराले बड़े ,
भगतो के संकट हरने हर पल रहते खड़े,
बिसरियां क्या है जग से वास्ता,
जो पकड़ा मैंने भगती रास्ता,
भोले जिनके साथ हो दिन हो या रात हो उनसे वो ना डरा,
भजा दे डमरू फिर भजा दे………

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile