Pihar Chali Jaungi O Bhole Baba
रोज-रोज गोरा शंकर को दे रही ताना,
पीहर चली जाऊंगी ओ भोले बाबा….
ना भोले बाबा के महल अटारी,
महल अटारी हां महल अटारी,
पर्वत पहाड़ों से मोहे डर लागा,
पीहर चली जाऊंगी ओ भोले बाबा….
ना भोले बाबा के घर परिवारा,
घर परिवारा ना घर परिवारा,
भूत और प्रेतौ से मोहे डर लगा,
पीहर चली जाऊंगी ओ भोले बाबा….
नाम भोले बाबा के गैया और बछड़ा,
गैया और बछड़ा हां गैया और बछड़ा,,
नंदी और बैलों से मोहे डर लागा,
पीहर चली जाऊंगी ओ भोले बाबा….
ना भोले बाबा के गद्दा गलीचा,
गद्दा गलीचा हां गद्दा गलीचा,
कुश की चटाई से मेरा दिल भागा,
पीहर चली जाऊंगी ओ भोले बाबा…..
ना भोले बाबा के घोड़ा और गाड़ी,
घोड़ा और गाड़ी हां घोड़ा और गाड़ी,
चलत चलत पैरों में पढ़ा छाला,
पीहर चली जाऊंगी ओ भोले बाबा….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile