Kailashpati Shiv Shankar
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय,
कैलाशपति शिव शंकर,
भोले बाबा डमरू बजाए,
तीनो लोक गुंझे ध्वनि,
सब एक राग हो जाये….
ॐ नमः शिवाय
सर पे माता गंगा बैठी,
वो नाथ के नाथ कहाये,
बैठे है महाकाल प्रभु,
समशान की राख लगाए….
ॐ नमः शिवाय
कण कण में वो,
हर क्षण में है,
मुठी में वो,
ओर मण में है,
वो भोला है भंडारी भी,
ईश्वर भी वही पुजारी भी,
है राम भी वो रावण भी वो,
मानव भी वो दानव भी वो,
मन्त्र वेद पुराणों में,
शिव ही शिव है बखानो में….
विष भांग धतूरे ओर पते,
जो भी हो शिव स्वीकार करे,
उसे मंदिर महलो का मोह नही,
वो बैठा है मसानों में….
ओम नमः शिवाय
गले मे नाग बिराजे,
सिर पे चन्दा का ताज,
है विश्व नाथ मेरे बाबा,
जिसकी छाया में राज लगे,
कैलाश पे वो तांडव करे,
धरती थर थर थराये,
भूत प्रेत सब देव गण,
एक स्वर में गाये….
ओम नमः शिवाय

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile