Shivji Bihane Chale
शिवजी बिहाने चले पालकी सजाईके,
भभूति रमाय के हो राम,
संग संग बाराती चले,
ढोलवा बजाय के घोडा दौडाई के हो राम….
विष्णु जी और लक्ष्मी जी तो,
गरुड़ के ऊपर चढ़ आये,
दाड़ी वाले ब्रम्हा जी तो,
हंस सवारी ले आये,
बड़ी शान से इन्द्र आये,
एरावत लेके हाथी,
भैसे पे यमराज विराजे,
और यमदूत सभी साथी,
मस्ती में हरी गुण गाते,
नारद जी खुशी मनाते,
शंकर के बने बाराती विणा बजायी के,
चारो को सजाई के हो राम,
शिवजी बिहाने चले पालकी सजाईके,
भभूति रमाय के हो राम….
मस्तक पर है त्रिलोचन और,
दूध सा चन्द्र विराज रहा,
डमडम डमरू बाज रहा,
और त्रिशूल हाथ में साज रहा,
भोले बाबा को पहनाये,
नर मुंडो कि नित माला,
बाघम्बर के खाल ओढ़ाये,
और कंधे पर मृग छाला,
गंगा कि धारा बहती,
कल कल कल कल कहती,
बुरी नजर से इनको,
रखना बचायी के हो राम,
शिवजी बिहाने चले पालकी सजाईके,
भभूति रमाय के हो राम….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile