कितना प्यारा है नागो वाला हार

Kitna Pyara Hai Nago Wala Haar

कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले,
तेरे हारों पे जाऊ बलिहार भोले…..

हो तेरी गंगा में धरम कमा लिया,
तूने जटा में उसको समा लिया,
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले,
तेरे हारों पे जाऊ बलिहार भोले…..

तेरे चंदा ने धरम कमा लिया,
तूने माथे में उसको सजा लिया,
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले,
तेरे हारों पे जाऊ बलिहार भोले…..

उन सर्पो ने धरम कमा लिया,
जिन्हें भोले ने गले में रमा लिया,
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले,
तेरे हारों पे जाऊ बलिहार भोले…..

उस भस्म ने धरम कमा लिया,
उस भोले ने तन पे रमा लिया,
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले,
तेरे हारों पे जाऊ बलिहार भोले…..

मैया गौरा ने धरम कमा लिया,
जिन्हें भोले ने अपना बना लिया,
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले,
तेरे हारों पे जाऊ बलिहार भोले…..

उस गणपत ने धरम कमा लिया,
जिसे भोले ने गोद में बिठा लिया,
कितना प्यारा है नागो वाला हार भोले,
तेरे हारों पे जाऊ बलिहार भोले….

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