Kab Se Khade Hai Jholi Pasar
कब से खड़े है झोली पसार,
क्यों न सुनो तुम हमारी पुकार,
जग रखवाला है, मेरे भोले बाबा,
तेरा ही सहारा है, मेरे भोले बाबा…….
देख लो लगी है,
आज मंदिर में ये भीड़ भारी,
दर्शनों के खातिर,
आये है लाखों नर और नारी,
आजा हे त्रिपुरारी,
दीनों ने पुकारा है, मेरे भोले बाबा
तेरा ही सहारा है, मेरे भोले बाबा………..
ज़िन्दगी से हारे,
हम ज़माने का हम लेके आये,
हाय रे इस जहाँ में,
लोग अपने हुए है पराये,
तेरे सिवा, दुनिया में,
कोई न हमारा है, मेरे भोले बाबा
तेरा ही सहारा है, मेरे भोले बाबा……
रास्ता न सूझे,
कहाँ जाएं मुसीबत के मारे
आशरा है तेरा,
दूर कर सारे संकट हमारे
सुनते हैं,
तूने ही लाखो को उबारा है, मेरे भोले बाबा
तेरा ही सहारा है, मेरे भोले बाबा…….
आ गए शरण में.
बोझ पापो का सर पे उठाये,
कर नज़र दया की,
भक्त जन ही गीत गाएं
सेवा में हमने तेरी,
जीवन ये गुजर है, मेरे भोले बाबा
तेरा ही सहारा है, मेरे भोले बाबा…….
कब से खड़े है झोली पसार,
क्यों न सुने तू हमारी पुकार
आसरा तुम्हारा है, मेरे भोले बाबा
तेरा ही सहारा है, मेरे भोले बाबा……
कब से खड़े हैं झौली पसार,
क्यों न सुनो तुम हमारी पुकार,
जग रखवाला है, मेरे भोले बाबा,
तेरा ही सहारा है, मेरे भोले बाबा…

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile