Shiv Me Milna Hai
कितना रोकु मन के सोर को,
ये कहा रुकता है,
इस सोर से परे उस मौन से मिलना है,
मुझे शिव से भी नही शिव में मिलना है……
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है….
अपने अहम् की अहुति दे जलना है,
अपने अहम् की अहुति दे जलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है……
क्यू मुझे किसी और के,
कस्टो का कारन बन्ना है,
चाँद और सीष सुशोभित,
उस चाँद सा शीतल बन्ना है….
क्यू मुझे किसी और के,
कस्टो का कारन बन्ना है,
चाँद और सीष सुशोभित,
उस चाँद सा शीतल बन्ना है,
उस चाँद सा शीतल बन्ना है……….
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है……
जितना मैं भटका,
उतना मैला हो आया हो,
जितना मैं भटका,
उतना मैला हो आया हो…..
कुछ ने है छला मोहे,
कुछ को मै छल आया हो,
कुछ को मै छल आया हो…..
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile