Gaura Tune Kaisa Pati Dhundha Hai
दूल्हा बूढ़ा है गौरा तूने कैसा पति ढूंढा है…..
काले नाग लटक रहे गले में,
कैसे फेरे लेगी याके संग में,
जटा बीच गंगा है गौरा तूने कैसा पति ढूंढा है….
डग मग हाले गर्दन याकी,
बची उम्र थोड़ी सी बाकी,
चला ना जाए बुड्ढा है, गौरा तूने कैसा पति ढूंढा है….
तिलक करूं याके बिच्छू लटके,
शर्म करे ना घुस जाये घर में,
देख डर लगता है, गौरा तूने कैसा पति ढूंढा है….
भोले जी की महिमा न्यारी,
जाने है यह दुनिया सारी,
रुप याको नयारो है, गौरा तूने कैसा पति ढूंढा है….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile