Bhole Baba Kamal Kar Baithe
एक योगी वो कैलाश का, एक ऊंचे महलो की रानी,
अनंत अनूठे प्रेम की, शिव शक्ति की है ये कहानी।
भोले अन्तर्यामी है,
गौरा जिनकी दीवानी है,
प्रेम न पाया किसी कुंवर में,
शिव संग प्रीत निभानी है,
प्रीत समुंदर कहें जिन्हें,
वो खुद प्रेम में खो गए है,
बिना सती के लाखों वर्ष,
बर्फ को ओढे सोये है….
फिरसे आंखों में प्यार भर बैठे ,
गौरा मैया से प्यार कर बैठे….
भोले की दीवानी हुई मैं,
जग से बेगानी हुई मैं,
जनम जनम का साथ है,
शिव जी पार्वती का,
भेष भले ही दूजा है,
रूप है वो सती है…
वर्षो बाद मिलन है देखो ,
धरती और अम्बर का,
कैलाशो में बैठे भोले,
हाथ थाम गौरी का….
बाबा दिल भी निसार कर बैठे,
गौरा मैया से प्यार कर बैठे,
भोले बाबा……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile