Bholenath Ki Deewani
आँख तीसरी खोले है,
ब्रह्माण्ड ये सारा बोले है,
हर हर माला जपते जो,
कष्ट हरते मेरे भोले हैं,
अजर अमर अविनाशी वो,
कृपा सिंधु औघड़दानी,
भोलेनाथ की दीवानी, मैं हूँ नाथ की दीवानी,
भोलेनाथ की दीवानी….
रूद्र रूपाय ॐ नमः शिवाय,
एक बार जो दर्शा दिखाए,
मोह माया फिर लगती झूठी,
जो शम्भू में लीन हो जाए,
मस्तक पे चाँद त्रिशूल,
हाथ में महादेव की निशानी,
भोलेनाथ की दीवानी, मैं हूँ नाथ की दीवानी,
भोलेनाथ की दीवानी…..
आँख तीसरी खोले है,
ब्रह्माण्ड ये सारा बोले है,
हर हर माला जपते जो,
कष्ट हरते मेरे भोले हैं,
अजर अमर अविनाशी वो,
कृपा सिंधु औघड़दानी,
भोलेनाथ की दीवानी, मैं हूँ नाथ की दीवानी,
भोलेनाथ की दीवानी…..