Bholenath Ki Deewani
आँख तीसरी खोले है,
ब्रह्माण्ड ये सारा बोले है,
हर हर माला जपते जो,
कष्ट हरते मेरे भोले हैं,
अजर अमर अविनाशी वो,
कृपा सिंधु औघड़दानी,
भोलेनाथ की दीवानी, मैं हूँ नाथ की दीवानी,
भोलेनाथ की दीवानी….
रूद्र रूपाय ॐ नमः शिवाय,
एक बार जो दर्शा दिखाए,
मोह माया फिर लगती झूठी,
जो शम्भू में लीन हो जाए,
मस्तक पे चाँद त्रिशूल,
हाथ में महादेव की निशानी,
भोलेनाथ की दीवानी, मैं हूँ नाथ की दीवानी,
भोलेनाथ की दीवानी…..
आँख तीसरी खोले है,
ब्रह्माण्ड ये सारा बोले है,
हर हर माला जपते जो,
कष्ट हरते मेरे भोले हैं,
अजर अमर अविनाशी वो,
कृपा सिंधु औघड़दानी,
भोलेनाथ की दीवानी, मैं हूँ नाथ की दीवानी,
भोलेनाथ की दीवानी…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile