Bhole Tera Sahara Kaafi Hai
मैंने सारे सहारे छोड़ दिए,
भोले तेरा सहारा काफी है,
मुझे चाह नहीं दुनिया भर की,
बस तेरा नजारा काफी है,
मैने सारे सहारे छोड़ दिए,
भोले तेरा सहारा काफी है…..
तेरी चाहत में जग छूट गया,
पर तू मुझसे क्यों रूठ गया,
मैं डूब रहा भव सागर में,
मैं डूब रहा भव सागर में,
बस आना तुम्हारा बाकी है,
मैने सारे सहारे छोड़ दिए,
भोले तेरा सहारा काफी है…..
मैंने जबसे तुम्हारा नाम लिया,
इस जग ने बहुत इल्जाम दिया,
जब तूने मुझे यूँ थाम लिया,
जब तूने मुझे यूँ थाम लिया,
बस मेरा गुजारा काफी है,
मैने सारे सहारे छोड़ दिए,
भोले तेरा सहारा काफी है…..
मैंने तेरे लिए ही जोग लिया,
और छोड़ जगत का भोग दिया,
रो रो के बुलाना काम मेरा,
रो रो के बुलाना काम मेरा,
बस आना तुम्हारा बाकी है,
मैने सारे सहारे छोड़ दिए,
भोले तेरा सहारा काफी है…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile