Shivnath Charno Me Tere
शिव नाथ चरणों मे तेरे,
कोटि कोटि प्रणाम है।।
तेरी कृपा का न अंत है,
दीनों पे तू दयावंत है,
तू विश्व रूप अनंत है,
देवों का भी भगवंत है,
गंगा जटा के बीच में,
कैलाश तेरा धाम है,
शिव नाथ चरणों मे तेरे,
कोटि कोटि प्रणाम है…..
तुम आसमा में चांद तारे,
में धरा पे धूल हूँ,
तुम शक्तिमान हो विश्व में,
मुरझाया से मैं फूल हूँ,
हम राह में भटके पथिक,
और तुम प्रभु विश्राम हो,
शिव नाथ चरणों मे तेरे,
कोटि कोटि प्रणाम है…..
तेरा द्वार शांति से भरा,
हम भक्त तेरे अभिन्न है,
प्रभु तू सभी में एक है,
फिर भी लगे क्यूँ भिन्न है,
प्रभु तू ही तू सब विश्व में,
और तू ही सुबहा शाम है,
शिव नाथ चरणों मे तेरे,
कोटि कोटि प्रणाम है…..
तू देवता हम दास तेरे,
दीप हम तू ज्योति है,
धागा हैं हम सब माल के,
और आप उसके मोती है,
“राजेन्द्र”शिव ही सत्य है,
और शिव ही आनंद धाम है,
शिव नाथ चरणों मे तेरे,
कोटि कोटि प्रणाम है……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile