Shiv Shiv Bolo Mere Bhaiya
शिव शिव शिव शिव बोलो मेरे भैया,
गंग शीश शशि नाग धरैया,
शिव शिव शिव शिव बोलो मेरे भैया,
गंग शीश शशि नाग धरैया।।
उसके द्वार पे ज्योत जलाकर,
शिव का नाम जपा करना,
नयन मूंद कर परमेश्वर का,
मन मे ध्यान किया करना,
उसका रूप निहारो,
उसको हिरदय में धारो,
उसके जैसा नही कोई रखबैया,
शिव शिव शिव शिव बोलो मेरे भैया,
गंग शीश शशि नाग धरैया।।
रोरी चंदन फूल माल से,
नित उसका पूजन करना,
नत मस्तक हो शिव के सन्मुख,
हाथ जोड़ वंदन करना,
शिव एक सहारो,
अरे शिव शिव पुकारो,
शिव डमरू बजाए त ता थैया,
शिव शिव शिव शिव बोलो मेरे भैया,
गंग शीश शशि नाग धरैया।।
मुँह मांगा वर तुमको देंगे,
ऐसा है बो वरदानी,
नंदी के अशवार प्रभु जी,
संग में गौरा महारानी,
अन्तर्मन में रे धारो,
भोले भोले उचारो,
राजेंद्र कहती है हर पल पुरबैया,
शिव शिव शिव शिव बोलो मेरे भैया,
गंग शीश शशि नाग धरैया।।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile