Jal Jal Kaleje Mi Chhale Pade
जल जल कलेजे में छाले पड़े,
ऐसे भोले बाबा से पानी पड़े…….
ना भोले बाबा के महल अटारी,
पर्वत के ऊपर झोपड़िया पड़े ऐसे भोले बाबा से पानी पड़े…
ना घर में आधा ना घर में चावल,
दो चार भागों के गोले पड़े ऐसे भोले बाबा से पाले पड़े….
ना घर में आलू ना घर में बैंगन,
दो चार घर में टमाटर पड़े ऐसे भोले बाबा से पानी पड़े…
ना घर में खटिया ना घर खटोला,
दो चार टूटे झटोले पड़े कैसे भोले बाबा से पाले पड़े……
ना घर में घोड़ा ना घर में गाड़ी,
नंदी पर बैठ भोले घुमन चले ऐसे भोले बाबा से पाली पड़े…

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile