Nirvan Shatkam
मनोबुद्ध्यहङ्कार चित्तानि नाहं
न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे
न च व्योम भूमिर्न न तेजो न वायुः
चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम् ॥१॥
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
न च प्राणसंज्ञो न वै पञ्चवायुः
न वा सप्तधातुः न वा पञ्चकोशः
न वाक्पाणिपादं न चोपस्थपायु
चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
न मे द्वेषरागौ न मे लोभमोहौ
मदो नैव मे नैव मात्सर्यभावः
न धर्मो न चार्थो न कामो न मोक्षः
चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
न पुण्यं न पापं न सौख्यं न दुःखं
न मन्त्रो न तीर्थं न वेदा न यज्ञाः
अहं भोजनं नैव भोज्यं न भोक्ता
चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
न मृत्युर्न न शङ्का न मे जातिभेदः
पिता नैव मे नैव माता न जन्मः
न बन्धुर्न न मित्रं गुरुर्नैव शिष्यं
चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
अहं निर्विकल्पो निराकाररूपो
विभुत्वाच्च सर्वत्र सर्वेन्द्रियाणाम्
न चासङ्गतं नैव मुक्तिर्न न मेयः
चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्
शिवोऽहम् शिवोऽहम्

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile