Bhole Ji Mohe Daras Dikha DoEk Baar
भोले जी मोहे दरस दिखा दो एक बार मैं बड़ी दूर से आई,
मैं बड़ी दूर से आई, मैं पैदल चल कर आई,
भोले जी मोहे दरस दिखा दो एक बार मैं बड़ी दूर से आई….
मैं हरिद्वार से आई गंगा जल भर के लाई,
भोले जी तुम चरण धूला लो एक बार मैं बड़ी दूर से आई,
भोले जी मोहे दरस दिखा दो एक बार मैं बड़ी दूर से आई….
मैं दूध का लोटा लाई भोले तुम्हें नबाने आई,
भोले जी मेरी गोदी में दे दो नंदलाल मैं बड़ी दूर से आई,
भोले जी मोहे दरस दिखा दो एक बार मैं बड़ी दूर से आई….
चंदन की कटोरी लाई भोले तिलक लगाने आई,
भोले जी मेरा कर दो अमर सुहाग मैं बड़ी दूर से आई,
भोले जी मोहे दरस दिखा दो एक बार मैं बड़ी दूर से आई….
मैं भांग धतूरा लाई तुम्हें भोग लगाने आई,
भोले जी मेरे भर देना भंडार मैं बड़ी दूर से आई,
भोले जी मोहे दरस दिखा दो एक बार मैं बड़ी दूर से आई….
मैं ढोलक मजीरा लाई भोले भजन सुनाने आई,
भोले जी मेरा कर दो बेड़ा पार मैं बड़ी दूर से आई,
भोले जी मोहे दरस दिखा दो एक बार मैं बड़ी दूर से आई….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile