Mere Mahakal Ka Dar Hai
लेते ही नाम भोले का तूफान हट गया,
कश्ती पर मेरी आके समंदर सिमट गया,
ये तो महाकाल का दर है,
मेरे महाकाल का दर है…
महाकाल की कृपा से बतलाऊं क्या मिला,
मुझे बतलाऊं क्या मिला,
इज्जत मिली शोहरत मिली तेरा पता मिला,
ये तो महाकाल का दर है,
मेरे महाकाल का दर है…..
जिस वक्त मैंने दोस्तों भोले को पुकारा,
फौरन हीं मिल गया मुझे मुश्किल में सहारा,
जब से मैंने महाकाल तेरा रूप निहारा,
कस्ती को मेरी तुमने प्रभु पार उतारा,
ये तो महाकाल का दर है,
मेरे महाकाल का दर है…..
मुझ जैसे को भी आपने दर पर बुला लिया,
दामन में महाकाल ने मुझको छुपा लिया,
मेरे प्रभु का मुझपे ये एहसान देखिए,
हाँ जी एहसान देखिए,
मेरे प्रभु का मुझपे ये एहसान देखिये,
मुझ जैसे को भी आपने अपना बना लिया,
ये तो महाकाल का दर है,
मेरे महाकाल का दर है…..
आपसे आपकी चौखट का सहारा लेकर,
क्या से क्या हो गया मैं नाम तुम्हारा लेकर,
लाज रख लो मेरी मैं आपका कहलाता हूं,
आपके दीवानों में बाबा गिना जाता हूं,
कोई भी दर नहीं संसार में इस दर जैसा,
मिल गया मुझको नसीबों से तेरा दर ऐसा,
चौखट मिली है जबसे मुझे तेरे नाम की,
इज्जत जहां में होने लगी इस गुलाम की…
ये तो महाकाल का दर है,
मेरे महाकाल का दर है,
ये तो महाकाल का दर है,
मेरे महाकाल का दर है…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile