Mera Bhola Bada Albela
मेरा भोला बड़ा अलबेला,
वो तो डमरू बजाए अकेला….
कभी चंदा के संग कभी गंगा के संग,
कभी गौरा के संग में अकेला वो तो डमरू बजाए अकेला,
मेरा भोला बड़ा अलबेला वो तो डमरू बजाए अकेला……
कभी बिच्छू के संग कभी सर्पों के संग,
कभी भूतों के संग में अकेला वो तो डमरू बजाए अकेला,
मेरा भोला बड़ा अलबेला वो तो डमरू बजाए अकेला……
कभी गाजा पिए कभी भंगिया पिए,
कभी खाए धतूरा अकेला वो तो डमरू बजाए अकेला,
मेरा भोला बड़ा अलबेला वो तो डमरू बजाए अकेला……
करें दुष्टों का नाश रहे भक्तों के साथ,
सब जीवों का देव अकेला वो तो डमरू बजाए अकेला,
मेरा भोला बड़ा अलबेला वो तो डमरू बजाए अकेला……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile