Ni Gaura Tera Ladha
देखी बैल ते चढ़ के आ रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
भूता दी बारात लिया रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
नी तू मन सखियाँ की बात,
व्याह ना कराई उसके साथ,
और इससे ज्यादा क्या कहे,
तेरे नाल जो व्याह करवा रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
देखी बैल ते चढ़ के…..
तेरा कैसा दूल्हा राजा,
ना घोड़ी, बैंड ना बाजा,
ना पगड़ी बांधी सेहरा
ना शकल ना सुंदर चेहरा,
आपे डम डम डमरू वजा रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
देखी बैल ते चढ़ के…..
लावे सूटा भंग दा घोटा,
पींदा लोटे ते ओ लोटा,
डर गईया वेख के लाड़ा,
सिर चिटा लमके दाड़ा,
बुड्डा बाबा टिड लमका रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
आपे डम डम डमरू वजा रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
तेरे नाल जो व्याह करवा रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
देखी बैल ते चढ़ के…..
संग ना ही पिता ते माता,
ना साक ना भैन भ्राता,
ना चाचा, चाची ताई,
ना सूट, ना भरी बनाई,
इकल्ला ही शोर मचा रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
आपे डम डम डमरू वजा रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
तेरे नाल जो व्याह करवा रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
देखी बैल ते चढ़ के…..
की कोमल जलंधरी दसिये,
नाले रोईए नाले हसिये,
देई हुने जवाब तू जाह नी,
गल पा ना बैठी फाह नी,
वडा नारद जुलम कमा रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
आपे डम डम डमरू वजा रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
तेरे नाल जो व्याह करवा रेहा,
नी गौरां तेरा लाढ़ा,
देखी बैल ते चढ़ के…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile