Gaura Thari Jaan To Chadhi Kankad Me
शिव जी चाल्या परनबा भाई कर भूता को संग,
ब्रह्म विष्णु संग में भाई चढ्यो ब्याव को रंग ॥
आयो परनबा ने रंगीलो जोगी, आयो परनबा ने,
गोरा थारी जान तो चढ़ी कांकड़ मे रंगीलो,
जोगी आयो परनबा ने….
तगड़ा दिख्या जान बराती पाला, आया कोनी लाया घोड़ा हाथी,
सल्ला लोढ़ी लिया ये हाथ में भांग तो रगड़बा ने ।।१।।
अरे जोगी हाथ लिया छे डमरू, छम छम बाजे ये पगा में घुंघरू ।
डगमग हाले नाड़ आ गयो हाथ तो पकड़बा ने ।।२।।
बूढ़ा बिंद लटक री दाढ़ी, लारे बीस बरस की लाड़ी,
हिमाचल का लोग लुगाया लाग्या बाता तो करबा ने ।।३।।
कैया थारे बाबल के मन भायो वो तन जोगी के परनायो,
अब देखो मैया पार्वती लागी सजबा तो धजबा ने ।।४।।
माया महादेव की न्यारी, परने हेमाचाल की प्यारी,
भगवान सहाय पर किरपा कर मिला दे चुनड वाली ने ।।५।।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile