Par Lagao Bholenath Meri Naiya
पार लगाओ भोलेनाथ मेरी तो सागर में पड़ी नैया……
इस दुनिया में दो ही बड़े है,
पहले पिता दूजी मात मेरी तो सागर में पड़ी नैया……
मात मेरी ने जन्म दिया है,
पिता ने ढूढा घर बार मेरी तो सागर में पड़ी नैया……
इस दुनिया में दो ही बड़े है,
पहली ससुर दूजी सास मेरी तो सागर में पड़ी नैया……
पार लगाओ भोले पार लगाओ,
ससुर हमारे व्याह कर लाए,
सासू ने सौपा घर बार मेरी तो सागर में पड़ी नैया……
इस दुनिया में दो ही बड़े है,
पहले कर्म दूजे भोग मेरी तो सागर में पड़ी नैया……
कर्म हमारे साथ चलेगा,
भोग दिलाए बीवी याद मेरी तो सागर में पड़ी नैया……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile