Meri Gaura Maiya Bhole Se Ruthi
मेरी गौरा मईया री भोले से रूठी,
मैं बिलकुल ना घोटूं ये तेरी बूटी…
जरा धीरे धीरे बोल विष्णु जी सुन लेगे,
जरा होल होल बोले वो लक्ष्मी सुन लेगी,
ये बूटी है गौरा मेरी दिव्य बूटी,
मेरी गौरा मईया री भोले से रूठी…
जरा धीरे धीरे बोल ब्रह्मा जी सुन लेगे,
जरा होल होल बोले वो ब्राह्मणी सुन लेगी,
ये मस्ती तो गौरा बड़ी पीछे छुटी,
मेरी गौरा मईया री भोले से रूठी…
जरा धीरे धीरे बोल वो नारद जी सुन लेगे,
जरा होल होल बोले शारदे सुन लेगी,
जो धाम मेरे पे देते है डयूटी,
मेरी गौरा मईया री भोले से रूठी…
जरा धीरे धीरे बोल वो भक्त सुन लेगे,
जरा होल होल बोले पीने लग जायेगे,
ये मस्ती भक्तों ने गंगा पे लुटी,
मेरी गौरा मईया री भोले से रूठी…

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile