Bhole Ki Chali Hai Baratiya
भोले की चली है बरतिया आए दूल्हा सांवरिया,
दूल्हा सांवरिया भोले दूल्हा सांवरिया,
भोले की चली है बरतिया आए दूल्हा सांवरिया….
शीश भोले के गंगा की लहरें,
माथे पर चंदा चम चम चमके,
गले में सर्पों की लड़ियां आए दूल्हा सांवरिया,
भोले की चली है बरतिया आए दूल्हा सांवरिया….
कान भोले के बिच्छू साजे,
हाथों में डमरू डम डम बाजे,
कमर में बांधे कोधनिया आए दूल्हा सांवरिया,
भोले की चली है बरतिया आए दूल्हा सांवरिया….
तन मृग छाला पहने हुए हैं,
अंग भभूति रमाए हुए हैं,
पैरों में डाली घुँगरिया आए दूल्हा सांवरिया,
भोले की चली है बरतिया आए दूल्हा सांवरिया….
करके नंदी कि वो सवारी,
दूल्हा बन के आए त्रिपुरारी,
भूतों की सोहे बरतिया आए दूल्हा सांवरिया,
भोले की चली है बरतिया आए दूल्हा सांवरिया….
नर नारायण सब हैं हर्षित,
गोरा भोले की जोड़ी सुशोभित,
सखियां गाएं भंवरिया आए दूल्हा सावरिया,
भोले की चली है बरतिया आए दूल्हा सांवरिया….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile