Bhola Manu Ahsan Tumharo
भोला इतनॊ कर काम हमारो,
मानू एहसान तुम्हारो….
अंबर की मोहे चटक चुनरिया,
भोले जी बनवाए दीजो,
धरती जैसा लहंगा सिलवाऊ,
समुंदर की गोट लगा दीजो,
अरे या में शेषनाग नाडो,
मानू एहसान तुम्हारा,
भोला इतनॊ कर काम हमारो,
मानू एहसान तुम्हारो…..
बिन शेरे पाटी के पलका,
भोले जी बनवाए दीजो,
अंबर से वह लग ना जाए,
धरती से अधर उठा दीजो,
अरे दामन पर पोनिया कारो,
मानू एहसान तुम्हारा,
भोला इतनॊ कर काम हमारो,
मानू एहसान तुम्हारो…..
मगरमच्छ की मोए हसुलिया,
भोले जी गढ़वा दीजो,
बर्र ततिया के कुंडल,
मेरे कान में पहरा दीजो,
अरे नथनी पर बिच्छू कारो,
मानू एहसान तुम्हारा,
भोला इतनॊ कर काम हमारो,
मानू एहसान तुम्हारो…..
चंदा की बिंदी तुम मेरे माथे बीच लगा दीजो,
जितने तारे अंबर में, मेरी अंगिया में जड़वा दीजो,
अरे थोड़ी पर ध्रुव को तारो,
मानू एहसान तुम्हारा,
भोला इतनॊ कर काम हमारो,
मानू एहसान तुम्हारो…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile