Tere Damaru Ki Dhun Sunke Main Kashi Nagari Aai Hun
तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं,
मेरे भोले ओ बम भोले मैं काशी नगरी आई हूं,
तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं…..
सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में मुक्ति है,
उसी गंगा में नहाने को मैं काशी नगरी आई हूं,
तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं……
सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में गंगा है,
उसी गंगा को पाने को मैं काशी नगरी आई हूं,
तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं……
सुना है हमने ओ भोले तेरा काशी में मन्दिर है,
उसी मन्दिर में पूजा को काशी नगरी आई हूं,
तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile