Bhole Baba Tera Muskurana
भोले बाबा तेरा मुस्कुराना,
भूल जाने के काबिल नहीं है,
रूप तेरा है ऐसा सलोना,
जो बताने के काबिल नहीं है……
माथे ते चंद्रमा जगमगाता,
सत्य का पथ जगत को दिखाता,
गंग की थार बहती जटा से,
जो बताने के काबिल नहीं है,
भोले बाबा तेरा मुस्कुराना……….
माथे पर तूने तिरपुण्ड धारा,
रूप तेरा लगे प्यारा प्यारा,
नाग सोहै गले में तुम्हारे,
जो बताने के काबिल नहीं है,
भोले बाबा तेरा मुस्कुराना……….
भस्म तन पे तुम्हारे लगी है,
सामने धूनी जग मग जगी है,
राजेंद्र मृगछाला तन पर लपेटे,
जो बताने के काबिल नहीं है,
भोले बाबा तेरा मुस्कुराना……….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile