Bholenath Mujhe Tum Mat Roko Mujhe Babul Ke Ghar Jana Hai
भोलेनाथ मुझे तुम मत रोको मुझे बाबुल के घर जाना है…..
मेरे पिता ने यह घर छाया है पर हमको नहीं बुलाया है,
अपमान का बदला लेना है, मुझे बाबुल के घर जाना है……..
गौरा बिना बुलाए जाओगी ना मान वहां पर पाओगी,
वहां पड़े तुम्हें पछताना है, मुझे बाबुल के घर जाना है……….
भोले के रोके नहीं रुकी पीहर में गौरा पहुंच गई,
वहां देखा अजब नजारा है, मुझे बाबुल के घर जाना है…….
वहां सारे देवता आए हैं आसन पर बैठे पाए हैं,
भोले का ना कोई ठिकाना है, मुझे बाबुल के घर जाना है……..
गुस्से में गौरा लाल हुई वह अग्नि कुंड में कूद गई,
वापिस कैलाश ना जाना है, मुझे बाबुल के घर जाना है…….
वहां सारे देवता घबराए आपस में ऐसे बतलाएं,
राजा दक्ष का बच नहीं पाना है, मुझे बाबुल के घर जाना है…….
शिव शंकर को जब पता चला भोले बाबा का है क्रोध बड़ा,
कांधे पे सति को डाला है, मुझे बाबुल के घर जाना है…….
ले सती को वह घूमन लागे फिर हाहाकार मचा लागे,
विष्णु ने चक्र चलाया है, मुझे बाबुल के घर जाना है…..
कट कट के अंग जो गिरने लगे मैया के धाम है बनने लगे,
हम सब को शिश झुकना है, मुझे बाबुल के घर जाना है…….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile