Khadi Khadi Gaura Manaye Rahi Shiv Ko
खड़ी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
सोने का लोटैा गंगाजल पानी
बूंद बूंद गौरा चढ़ाए रही शिव को
ऊँ ऊँ कह के मनाए रही शिव को
खडी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
बागों से जाके गौरा फूल तोड लायी
गुंध गुंध माला चढ़ाय रही शिव को
ऊँ ऊँ कह के रिझाए रही शिव को
खडी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
बागों से जाके गौरा बेलपत्र लाई
राम नाम लिख के चढ़ाए रही शिव को
ऊँ ऊँ कह के रिझाए रही शिव को
खडी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
जंगल में जाके गौरा भांग तोड़ लाई
पीस पीस भंगिया पिलाए रहीं शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
खडी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile